#Shabarimala :countdown cause constitution co chritian.
#Shabarimala :countdown cause constitution co christian.
AND HERE STARTS THE COUNT DOWN OF CURRENT ANTI HINDU CONSTITUTION TO CHANGE IT TOBE BASED ON HINDU VALUES AND CULTURE .
This constitution proved it s Anti Hindu nature through its judiciaries
quick decisions against Hindu values .
It shows the Hidden Agenda to destroy Hindu culture to prepare
base to convert as many Hindu as possible.
the conspiracy is more dangerous than the direct attack of Islam.
there are several provisions to finish Hindu population to convert.
* The fundamental right to spread ,propagate once religion is simply
a -one way gate for conversion of Hindu to christian.
who will be benefited by this?
Hindu never convert the other.
.if the constitution makers would have
been Hindu well wishers ..would they provide this instrument to
missionaries?.
but Hindu faith like shanimandir and shabarimala is
hurdle to conversion so the foreign funded NGO get it done through their christian value based
constitution’s judiciary .which takes years to give verdicts if they are in fever of
Hindu and acts quickly if it has little microscopic reason to destroy Hindu faith. then .gives
verdicts and order to governments to employ it and take strict action against the
Hindu who oppose it..
इस असलमे हिंदू नाशक संविधान के रचेइता नेहरू थे . लेकिन उन्होने चालाकीसे आंबेडकर को आगे किया क्योंके आंबेडकर हिन्दुवोंको निष्प्रभ करनेकी अपनी काबिलीयत दिखा चुके थे. अगर हिंदू यह कहते की यह संविधान हमारे मूल्यो पर आधारित नही है. तो आंबेडकर वो झूठ दोहरातें ,कहते तुम्हारे मूल्य मानवता विरोधी और अत्याचारी है .और हिंदू जैसे कि उनकी फितरत है सोचते रह जाते और कुछ तो मान जाते -हा हमारे पूर्वज और उनकी संस्कृती सचमूच इस काबील नही कि उसके मूल्यो पर संविधान बने..
अंग्रेजोने ऐसे रिफॉरमेर्स यांनी समाजसुधारवादियोंके जरीये इस तरह हिंदू एकता की शक्ति को विभाजित और अपने संस्कृती के प्रति उनके स्वाभिमान को निष्प्रभ कर रखा था .ताकी यह कौम अपने आप को
अपराधी और पापी समझे परिणामस्वरूप यह हिंदुविनाशक संविधान को विरोध ना करे.
क्या हिंदू पूर्वंजो ने पिछडी जाती पर सचमुच अमानुष ,घोर, क्रूर अत्याचार किया था ? जरा सोचो कितना बडा सफेद झुठ है यह.
जिस कौम पर ऐसा अत्याचार होता है वो तो खत्म हो जाती है भारत मे पिछ डॉ कि संख्या आगडोंसे कुछ जादा ही है ब्राहमनो से तो बहोत जादा .
पाकिस्थान मे ,बटवारे के समय २० से २५ % हिंदू थे अब मुशकील से २ % बचे है . तो वहापर वो लाखो हिंदू क्या किसी चुनिंदा महामारी से मरे है ? जी नही आज भी बचे खुचे हिंदूका नरसंहार वहा जारी है ,स्त्रीयोम्पर बलात्कार , खून ,और अनगिनात यातना से वहा मारे जा रहे है हिंदू . इसिको कहते है अमानुष अत्याचार.
क्या हिंदू पूर्वजोने ऐसे अत्याचार किसी पिछडी जातीपर किये थे .? अछूतो को छुते भी नही थे तो अत्याचार कैसे करते . अपितु बिना छुये क्यो ना हो अन्न और पानी दान देकर जरुरतमंदो की जान तो बचाते थे .
तो आंबेडकर ने यह झुठ सरकार और मेडिया के जरीये फैलाया ''हिंदू अत्याचारी थे '
अगर उस समय जिसको सचमुच अत्याचार कहना चाहिये उस मुसल्मानॊके अत्याचारोंको अगर आंबेडकरजी अत्याचार कहते तो उनकी 'हिंदू द्वारा अत्याचार' वाली थेअरी फेल हो जाती और उनका राजनैतिक महत्व खतम हो जाता
आंबेडकर ने तब कुछ नही कहा जब जादातर पिछडे पाकिस्थान मे रह गये थे. क्योंकी ब्राह्माण तो चालाकं थे ही बटवारे कि खबर मिलते हि उनमेसे जादातर लॉग हिंदुस्थान पहूच गये साथ मे व्यापारी वैश्य और क्षत्रिय राजनेता समाज भी .. बस रह गये मासूम पिछडे और गरीब लोग जिनको पताही नही था देश क्या होता है और विभाजन का मतलब क्या हें ,वे बेमौत मारे गये. अत्याचार कि कोई सीमा नही थी. जैसे कि आज भी कुराण और हदीस प्रणित अत्याचार जो काफिरोपर किये जाते है ..
उस जमाने मे जहा मनुष्यको एक तरफ जिंदा जलाया जा रहा था तब आंबेडकरजी मनुस्मृती जला रहे थे.
सबकुछ खाक होणे के बाद उन्होने पार्टीशन और मुस्लिम अत्याचारॊम्पर एक किताब लिखी .
५००० साल पहले बहोत अत्याचार हुवा था उसका बहोत गुसा आया
सामने अपने भाई बंधू जल रहे थे मदत के लिये आक्रोश कर रहे थे
लेकिन हिंदू संस्कृती मुर्दाबाद के बुलंद नारो मे वो आवाज दबाई गयी .
कहते है बुद्ध् की करुणा सारे विश्व् मे फैल गयी लेकिन हमारे नेतावोकी करुणा बिहार बांगलादेश तक भी नही पहुँची .
तो ..? इस निर्णय के बाद सब हिंदू समझ गये ऐसा क्यो होता है बार बार हिंदू विरोधी .
वही मुस्लिम आस्था बचाने के लिये संविधान मे बदल किया था राजीव गांधीने. .
मुसल्मानॊन्को चार शादिया करणे कि दि है सहुलियत, उनकी संख्या बढांने के लिये . हिंदू करे दो, तो अपराध .
इसी संविधान ने धर्मन्तर करानेकी आजादी दि है ... उसका फायदा किसको पहूंचता है? .हिंदू का ख्रिश्चन धर्म परिवर्तन करणेवालोंको ... क्योंकी सबको मालूम है हिंदू दुसरे धर्म के लोगोंका अपने धर्म मे धर्मानंतरन नही करते .
हिंदू संस्कृती इस तरह अप्रत्यक्ष रूप से आघात कर नष्ट करणे का यह षडयंत्र यांनी संविधान अब अपनी अंतिम दिन गीन रहा है इसको बदला जायेगा ,हिंदू जागृत हुवा है .
Shabarimala temple
the Blinds can listen...
वेब उपन्यास web novel with english title and..music Raja Raghupati
AND HERE STARTS THE COUNT DOWN OF CURRENT ANTI HINDU CONSTITUTION TO CHANGE IT TOBE BASED ON HINDU VALUES AND CULTURE .
This constitution proved it s Anti Hindu nature through its judiciaries
quick decisions against Hindu values .
It shows the Hidden Agenda to destroy Hindu culture to prepare
base to convert as many Hindu as possible.
the conspiracy is more dangerous than the direct attack of Islam.
there are several provisions to finish Hindu population to convert.
* The fundamental right to spread ,propagate once religion is simply
a -one way gate for conversion of Hindu to christian.
who will be benefited by this?
Hindu never convert the other.
.if the constitution makers would have
been Hindu well wishers ..would they provide this instrument to
missionaries?.
but Hindu faith like shanimandir and shabarimala is
hurdle to conversion so the foreign funded NGO get it done through their christian value based
constitution’s judiciary .which takes years to give verdicts if they are in fever of
Hindu and acts quickly if it has little microscopic reason to destroy Hindu faith. then .gives
verdicts and order to governments to employ it and take strict action against the
Hindu who oppose it..
इस असलमे हिंदू नाशक संविधान के रचेइता नेहरू थे . लेकिन उन्होने चालाकीसे आंबेडकर को आगे किया क्योंके आंबेडकर हिन्दुवोंको निष्प्रभ करनेकी अपनी काबिलीयत दिखा चुके थे. अगर हिंदू यह कहते की यह संविधान हमारे मूल्यो पर आधारित नही है. तो आंबेडकर वो झूठ दोहरातें ,कहते तुम्हारे मूल्य मानवता विरोधी और अत्याचारी है .और हिंदू जैसे कि उनकी फितरत है सोचते रह जाते और कुछ तो मान जाते -हा हमारे पूर्वज और उनकी संस्कृती सचमूच इस काबील नही कि उसके मूल्यो पर संविधान बने..
अंग्रेजोने ऐसे रिफॉरमेर्स यांनी समाजसुधारवादियोंके जरीये इस तरह हिंदू एकता की शक्ति को विभाजित और अपने संस्कृती के प्रति उनके स्वाभिमान को निष्प्रभ कर रखा था .ताकी यह कौम अपने आप को
अपराधी और पापी समझे परिणामस्वरूप यह हिंदुविनाशक संविधान को विरोध ना करे.
क्या हिंदू पूर्वंजो ने पिछडी जाती पर सचमुच अमानुष ,घोर, क्रूर अत्याचार किया था ? जरा सोचो कितना बडा सफेद झुठ है यह.
जिस कौम पर ऐसा अत्याचार होता है वो तो खत्म हो जाती है भारत मे पिछ डॉ कि संख्या आगडोंसे कुछ जादा ही है ब्राहमनो से तो बहोत जादा .
पाकिस्थान मे ,बटवारे के समय २० से २५ % हिंदू थे अब मुशकील से २ % बचे है . तो वहापर वो लाखो हिंदू क्या किसी चुनिंदा महामारी से मरे है ? जी नही आज भी बचे खुचे हिंदूका नरसंहार वहा जारी है ,स्त्रीयोम्पर बलात्कार , खून ,और अनगिनात यातना से वहा मारे जा रहे है हिंदू . इसिको कहते है अमानुष अत्याचार.
क्या हिंदू पूर्वजोने ऐसे अत्याचार किसी पिछडी जातीपर किये थे .? अछूतो को छुते भी नही थे तो अत्याचार कैसे करते . अपितु बिना छुये क्यो ना हो अन्न और पानी दान देकर जरुरतमंदो की जान तो बचाते थे .
तो आंबेडकर ने यह झुठ सरकार और मेडिया के जरीये फैलाया ''हिंदू अत्याचारी थे '
अगर उस समय जिसको सचमुच अत्याचार कहना चाहिये उस मुसल्मानॊके अत्याचारोंको अगर आंबेडकरजी अत्याचार कहते तो उनकी 'हिंदू द्वारा अत्याचार' वाली थेअरी फेल हो जाती और उनका राजनैतिक महत्व खतम हो जाता
आंबेडकर ने तब कुछ नही कहा जब जादातर पिछडे पाकिस्थान मे रह गये थे. क्योंकी ब्राह्माण तो चालाकं थे ही बटवारे कि खबर मिलते हि उनमेसे जादातर लॉग हिंदुस्थान पहूच गये साथ मे व्यापारी वैश्य और क्षत्रिय राजनेता समाज भी .. बस रह गये मासूम पिछडे और गरीब लोग जिनको पताही नही था देश क्या होता है और विभाजन का मतलब क्या हें ,वे बेमौत मारे गये. अत्याचार कि कोई सीमा नही थी. जैसे कि आज भी कुराण और हदीस प्रणित अत्याचार जो काफिरोपर किये जाते है ..
उस जमाने मे जहा मनुष्यको एक तरफ जिंदा जलाया जा रहा था तब आंबेडकरजी मनुस्मृती जला रहे थे.
सबकुछ खाक होणे के बाद उन्होने पार्टीशन और मुस्लिम अत्याचारॊम्पर एक किताब लिखी .
५००० साल पहले बहोत अत्याचार हुवा था उसका बहोत गुसा आया
सामने अपने भाई बंधू जल रहे थे मदत के लिये आक्रोश कर रहे थे
लेकिन हिंदू संस्कृती मुर्दाबाद के बुलंद नारो मे वो आवाज दबाई गयी .
कहते है बुद्ध् की करुणा सारे विश्व् मे फैल गयी लेकिन हमारे नेतावोकी करुणा बिहार बांगलादेश तक भी नही पहुँची .
तो ..? इस निर्णय के बाद सब हिंदू समझ गये ऐसा क्यो होता है बार बार हिंदू विरोधी .
वही मुस्लिम आस्था बचाने के लिये संविधान मे बदल किया था राजीव गांधीने. .
मुसल्मानॊन्को चार शादिया करणे कि दि है सहुलियत, उनकी संख्या बढांने के लिये . हिंदू करे दो, तो अपराध .
इसी संविधान ने धर्मन्तर करानेकी आजादी दि है ... उसका फायदा किसको पहूंचता है? .हिंदू का ख्रिश्चन धर्म परिवर्तन करणेवालोंको ... क्योंकी सबको मालूम है हिंदू दुसरे धर्म के लोगोंका अपने धर्म मे धर्मानंतरन नही करते .
हिंदू संस्कृती इस तरह अप्रत्यक्ष रूप से आघात कर नष्ट करणे का यह षडयंत्र यांनी संविधान अब अपनी अंतिम दिन गीन रहा है इसको बदला जायेगा ,हिंदू जागृत हुवा है .
Shabarimala temple
the Blinds can listen...
वेब उपन्यास web novel with english title and..music Raja Raghupati
घोष्ट वासंतिक उत्तररात्रीची (हिंदी निवेदन )
गुप्तधन ढुंढने वाले भूत कि कहानी .
लेकिन डरावनी नही . रोमांचक प्रेमकहानी है .
इसमे चित्र ,चलचित्र यांनी विडिओ भी है .
यह लिखित भी है ,तथा पढने के साथ साथ
बॅक ग्राउंड म्युझिक पर हिंदी मे सून भी सकते है .
यह अंध पाठकोके लिये भी उपयुक्त है.
इस एपिसोड के अंत मे एक गीत है जिसका संगीत
संतूर,बासरी और सितार जैसे वाद्य से सजा है .
गुप्तधन ढुंढने वाले भूत कि कहानी .
लेकिन डरावनी नही . रोमांचक प्रेमकहानी है .
इसमे चित्र ,चलचित्र यांनी विडिओ भी है .
यह लिखित भी है ,तथा पढने के साथ साथ
बॅक ग्राउंड म्युझिक पर हिंदी मे सून भी सकते है .
यह अंध पाठकोके लिये भी उपयुक्त है.
इस एपिसोड के अंत मे एक गीत है जिसका संगीत
संतूर,बासरी और सितार जैसे वाद्य से सजा है .



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