Church, China ,and Chand tara Vs Hindu culture .

"हिंदूधर्म   नष्ट  करणे का  षडयंत्र "
               भेद सारे खुलं गये राज राज ना रहा . 
               अब हमे  किसी पर इतबार न रहा .
 इतने सालो से हम समझ नही पा रहे थे आखिर  कुछ हिंदू  एन जी ओ
 हिंदू संस्कृती और धर्म का इतना करारा विरोध क्यो करते है .
      अभी पत्ता चला है उनके  विदेशी आका  ' इस काम के लिये उन्हे करोडो रुपिया देते  है .
मोडस ऑपरेंडी  ऐसी है    
१.  सुधारणा के नाम पर हिंदू परंपरा नष्ट कि जाय . उदाहरण  शनी मंदिर -नारी स्पर्श  प्रवेश.
इस विषय पर हिंदू  स्त्रीयोन्का सार्वमत लेते तो ९९% कोर्ट निर्नय के विरोधी मत मिलते.
तो फिर आक्रोश कौन कर रहा था ? जी हा एन जी ओ .
लेकिन क्या यही एन जी ओ लोग चर्च मे स्त्रियोंको प्रमुख नही करते ,इस विषय पर
कभी आंदोलन करते हें क्या ? कभी नही. व्यभिचार कि कबुली फादर को देणे वाली औरतों को  ब्लॅकमेल करके यौन शोषण के कई मामले सामने आये ,इसपर किसी  एन जी ओ  ने कोई आंदोलन
किया क्या ?कभी नही     
  २. अंधाश्रद्धा निर्मूलन  के नाम पर देवी देवता के प्रति आस्था को नष्ट करना . 
  उदाहरण  शनी मंदिर मे  चोरी करणे से भी शनी देव कुछ नही करते इसका  प्रचार करते हुए  देवत्व प्रतिमा नष्ट करणे कि कोशिश 'नरेंद्र दाभोलकर' ने कि थी
 .. देखा जाय तो दाभोलकर कि यह  कोशिश शेख चिली जैसी मूर्खतापूर्ण
लगती है क्यो कि शनी देव के डर से अगर समाज मे चोरियां कम होती है तो
यह अंधश्रद्धा भी अच्छी हि है . परंतु दाभोलकर मूर्ख नही था. इसका मतलब ख्रिश्चन प्रचारक जो साहस नही कर सकता वह हिंदूश्रद्धा खुद्द हिंदू रहते हुवे नष्ट करना  ,और वो भी ख्रिश्चन कि काँग्रेस सरकार के शै पर करना एक बहोत बडे आंतरराष्ट्रीय षडयंत्र का हिस्सा  हो सकता है क्यो कि यह प्रतिकारहीन हिंदू को कन्व्हर्ट करणें के लिये प्रारंभिक
 श्रद्धाहरण का  कम जोखीमवाला लेकिन करोडो रुपयोंके लाभ का काम है ऐसा तर्क इसमेसे   निकलता है .
वर्ना  अंधश्रद्धा तो इस्लाम मे जादा  है . वे मानते है किसी काफिर को मारणे से स्वर्ग मे ७२ अप्सराये मिलती है.लाखो लोगोंकी जाण इस अंधश्रद्धा ने ली है .
हिंदू अंधश्रद्धा से कीतने  लोग मरे है कोई आकडे है क्या ? फिलहाल एक भी नही.
तो जिसको सचमुच   अंधश्रद्धा  नष्ट करनी है वो इस ७२ अप्सरा वाले जाणलेवा अंधश्रद्धा के पीछे सबसे पहले हाथ धो कर पड  जाता
 पर क्या किसीने इन अंधश्रद्धा निर्मूलनवालो को  खतरनाक इस्लामिक अंधश्रद्धा का विरोध करते देखा है ?
 जी नही, उनका टार्गेट सिर्फ हिंदू संस्कृती नष्ट करना 
इतनाही सीमित है. .
सिर्फ एन जी ओ नही कई टुकार राजनेता जैसे कम्युनिस्ट और स्वयंघोषित समाजसुधारको का भी मुख्य बिजिनेस यही है.
वर्णा जो लोग गावके सरपंच का  इलेक्शन तक जीत नही
सकते ऐसे कम्युनिस्ट कहलाने वाले नेता  बरसोसे हिंदू संस्कृती के विरोध मे गला फाडफाड कर क्यो चिला रहे है. 
कोई नौकरी धन्दा तो नही है फिर  इतना जोर और पैसा  कहा से आ  रहा  है.
ऐसे सवाल आपने आप से पूछो जवाब मिलेगा ....
इन लोगो को चर्च ,चायना तथा चांद तारोवाली
बाहरी ताखतोने मोटी आमदानी देकर हिंदूश्रद्धा नष्ट करणे के काम पर लगाया है . 2
अभि भी यकीनं नही आता तो हिंदू संस्कृती का घनघोर विरोध करणे वाले पत्रकारोंकी माली  हालात देखो ,हिंदू धर्म के विरोध मे 
जो जादा सफाईसे काम करता है , हिंदूओकी मुसल्मान के मुकाबले एका- दुका क्रिमिनल हरकत का लांच्छन 
वो  पुरे देश के बहुसंख्यांक संस्कृतीपर  लगाता है. 
इसका ठीक उल्टा विश्लेषण वो मुस्लिम आतंकवाद का करता है
उसके मुताबिक कुछ आतांकियोंके गैरकृत्य के लिये पुरे इस्लाम को दोष देना ठीक नही  .
या फिर अतंकीयो का कोई धर्म नही होता कह कर उनका बचाव करता है.
क्योंकी उसको पैसा तो हिंदू और उनकी संस्कृतीको बदनाम और शरमिंदा करानेका मिलता है.
   लेकिन हिंदूसंस्कृती नष्ट करणें के षडयंत्र मे सबसे आगे होते   है किसी जादा संख्या वाले जाती के जातवादी नेता जो
बात बात पर ब्राह्मण को कोसते हुवे उसके  आडमे  हिंदू संस्कृती और आस्था नष्ट करणे के लिये अपनी जातवालोंको उकसाता है . 
वो कहता है ,औरंगजेब अच्छा था
 लेकिन ब्राह्मण पेशवा जुलमी था .
ब्राह्मण ने  बरबाद किया . सभी देव  देवता त्योहार ,मंदिर पूजा छोड दो ,राम कृष्ण,शक्ती सब झूट है
और संतो को मानना है  तो बस आपने जाती के संत को मानो.
अब इस नेता के पीछे जितने लोग मूर्ख बनकर जायेंगे उतनी  जादा  इसकी  दौलत और शान शौकत बढते हुवे दिखाई देती है .     
 अगर ये झूट  होता तो कन्हया ,हार्दिक ,मेवानी
 जैसे (दल+इंदर) लोग   आज करोडपती नही होते.
 इस दृष्टिकोन से भारत के  इतिहास के तरफ फिर  से देखो
आपको चौकाने वाले नतीजे मिल जायेंगे . जी हा मुसल्मानॊ के  पिछडे जाती के प्रति क्रूरता को अनदेखा  करते हुवे ,पापभिरू हिन्दुवोंको  अत्याचारी घोषित करके हिंदूग्रंथ और संस्कृती के विरोध  मे  आगजनी करणे वाले कई गद्दार बेनकाब  हो जायेंगे.        
     

       
       

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